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Friday, July 20, 2012

श्रीमद्वाल्मीकिरामायणम्


श्री सीतारामाचन्द्राभ्या नमः
श्रीमद्वाल्मीकिरामायणम्


पञ्चमः सर्गः

राजा दशरथ द्वारा सुरक्षित अयोध्यापुरी का वर्णन


कोशल नामका एक है जनपद, सरयू नदी के तट पर बसा
धन-धान्य से सम्पन्न सुखी, समृद्धिशाली, विशाल, बड़ा

उसी जनपद में नगरी एक, अयोध्या नाम से जग विख्यात
मनु महाराज ने जिसे बनवाया, बसाया था अपने ही हाथ

बारह योजन लंबी थी वह, चौड़ाई थी तीन योजन की
अन्य मार्गों से विभक्त था, राजमार्ग पर वृक्षावलियाँ थीं

पुरी की शोभा बढ़ी थी उससे, राजमार्ग पर बिछे थे पुष्प
विभाग पूर्वक बना था सुंदर, प्रतिदिन होता जल छिड़काव  

ज्यों इंद्र की अमरावती है, वैसे नृप दशरथ ने बसाई
धर्म, न्याय के बल से अपने, वृद्धि की थी महान राष्ट्र की